POETRY • आत्मविश्वास

कद से बड़ा विश्वास है खुद का

विश्वास आसरा बेबस जीवन का

यूं तो अख़बार हूं में खुद के जीवन का

रोज़ सवेरा रोज बसेरा है जीवन का


जीवन में बिखरा है हौसला

दिल से यूं निकला है हौसला


ना मान मिला ना सम्मान मिला

वक्त से पहले हर शक्स गिला

लोगों के मुंह पर सुने थे चर्चे

अपनी असफलता के गहरे मुद्दे


हार गया हूं हर मोड़ से गहरा

हार रहा हूं जीवन में गहरा


विश्वास जतन है गहरा मुझ में

आस जगी है गहरी मन में

लोग कहे कुछ भी यूं मुझसे

ना में मानु हार दिल से


जारी है संघर्ष यूं मेरा

वक्त लाऊंगा ग़ज़ब का गहरा


मेहनत की यह लगन लगी है

मन में एक नई अलख जगी है

आज नहीं पर कल तो होगा

जीवन का वो मंज़र गहरा होगा


संघर्ष भरे इस जीवन में

ना लोग हमारे अपने है

हम तो खुद के जीवन में

खुद के दम पर जीते हैं


लगन लगी है मेहनत की

यूं सफलता गहरी पाने की

हर कोई यूं मुझपे हसंता है

जैसे कि खुद सक्षम होता है


हर कोई कहता है मुझसे

ना कर कोई वादा खुद से

व्यर्थ रहेगा संघर्ष तो तेरा

बेकार रहेगा परिणाम तो तेरा


ज़िद है खुद की खुद से मेरी

ना कभी हालातों की देरी

जारी है संघर्ष यूं मेरा

वक्त लाऊंगा ग़ज़ब का गहरा


Written by • ANKIT MEROTHA



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