POETRY • बस दोस्त बन जाता है
मन से मन का मेल मिले
दोस्त वही बन जाता है
उम्र का ना हो कोई बंधन
बस साथ उसी का भाता है
जीवन की हर मुश्किल में
जो भी साथ निभाता है
खुशियों में जो शामिल हो
गम में भी साथ निभाता है
बिन बोले जो सब कुछ समझे
आंखों के पानी को समझे
जीवन की डगर को आसान बना दे
चेहरे पे मुस्कान को ला दे
दोस्त वही बन जाता है ....
Written by • ANKIT MEROTHA
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